कुलदीप जाधव
अच्युत
द्विवेदी
पाकिस्तान
ने जासूसी के आरोप में बंद भारतीय नागरिक कुलदीप जाधव के परिवार के साथ जिस तरह का
व्यवहार किया वह बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। पाकिस्तान ने 20 दिसंबर को पाकिस्तान आने के लिए
कुलदीप जाधव की माँ और पत्नी को वीजा जारी किया । जाधव
की माँ और पत्नी को ठीक तरह से मिलने भी नहीं दिया गया। उनके साथ अपमान जनक
व्यवहार किया गया। जाधव की माँ और पत्नी को अलग वेशभूषा दिया गया। भारतीय हिन्दू
संस्कृति को अपमानित किया गया। कुलदीप की
माँ और पत्नी का मंगल सूत्र उतरवा दिया गया। जांच के नाम पर उनकी जूती को भी
पाकिस्तान ने रखवा लिया। कुलदीप जाधव और उनके परिवार के बीच एक शीशे की दीवार थी।
पाकिस्तान की शर्मनाक कारतूत का अंदाजा इस
बात से और भी अच्छे तरीके से लगाया जा सकता है की उसने जाधव और उनके परिवार के बीच
उनकी मातृभाषा में बात नहीं करने दिया गया
और जाधव भी वही बोल रहे थे जो
पाकिस्तान चाहता था। पाक और वहां की मीडिया ने जितना हो सका
उतना जाधव के परिवार को अपमानित करने का
कोई मौका नहीं छोड़ा

पाकिस्तान अपने इस रवैये से जो भी सन्देश दुनिया को देना चाहता हो मगर इतना तो जरूर है वह इस शर्मनाक कारतूत से पूरी दुनिया के निशाने पर आ गया है।कुलदीप की माँ और बहन से वहां के पत्रकारों ने भद्दे और अमर्यादित सवाल किये।उनको अपमानित करने का कोई भी कसर पाकिस्तान ने बाकी नहीं रखी।
भारत ने इस मामले को बेहद ही गंभीरता से लेते हुये पाक को कड़ी फटकार लगायी है। अब समय आ गया है कि पाकिस्तान को उसकी नापाक हरकतों का जवाब दिया जाये। पाकिस्तान आये दिन सीमा पर तनाव और अशांति बनाये रखने की कोशिश करता है मगर भारतीय जवानों के आगे उसकी तमाम कोशिशें नाकाम हो जाती है। पाकिस्तान ने जिस तरह से हिन्दू धर्म का अपमान किया वह माफ़ी के योग्य नहीं है
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