सफर में धूप तो होगी अगर चल सको तो चलो.....
सफर में धूप तो होगी अगर चल सको तो चलो.....


मेरे प्यारे दोस्तों यह मानव जीवन संघर्षों से भरा हुआ है.संघर्षों का नाम ही जीवन है.प्रत्येक व्यक्ति निरन्तर अपने जीवन में संघर्ष करता रहता है.चाहे वह विद्यार्थी हो,पत्रकार हो ,इंजीनियर हो या फिर नेता हो सभी अपने लक्ष्यों को पाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं.
किसी ने कहा है कि,
संग्राम जिंदगी है ,लड़ना उसे पड़ेगा
जो लड़ नही सकेगा ,आगे नही बढ़ेगा ।
घेरा समाज को है भीषण कुरीतियों ने
व्यसनों ने रुढ़ियो ने ,निर्मम अनीतियों ने
इनकी चुनौतियों से कौन जा भिड़ेगा
जो लड़ नही सकेगा ,आगे नही बढ़ेगा
संग्राम जिन्दगी है ,लड़ना उसे पड़ेगा।।
दोस्तों आज हमारे समाज में कई तरह की बुराईयां फैली हुई है.समाज में अपराध का ग्राफ निरन्तर बढ़ता जा रहा है.जिस देश में महिलाओं को देवी के समान समझा जाता है ,उसी को गलत नजरों से देखा जा रहा है.उनके साथ रेप,छेड़छाड़ और अपहरण जैसी घटनाएं रोज की बात हो गई हैं.आज वे अपने घरों में भी सुरक्षित नही महसूस कर पा रही है.कहा गया है कि
यत्र नार्यस्तु पुज्यन्ते ,
रमन्ते तत्र देवता.
मगर आज इस बात को हमारा समाज भूल गया है.वासना के दरिंदे मासूम बच्चियों को भी अपनी हवस का शिकार बनाने से नही चूकते हैं...

इसके अलावा समाज में कई तरह की बुराईयां प्रचलित हैं जिसे दूर करने की जरुरत हैं जिसमें जातिपांत ,भेद भाव,धूम्रपान जैसी कई तरह की बुराईयां शामिल हैं.
आप के सामने मैं आज यह खूबसूरत गजल प्रस्तुत कर रहा हूं .उम्मीद है कि आप को पसंद आयेगी....
सफर में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो..
सभी है भीड़ में ,तुम भी निकल सको तो चलो
सफर में होगी......।।1।।
किसी के वास्ते राहें, कहां बदलती है
तुम अपने आप को खुद ही बदल सको तो चलो
सफर में धूूप तो होगी........।।2।।
यहां किसी को कोई ,रास्ता नही देता
मुझेे गिरा के अगर तुम संभल सको तो चलो
सफर में धूप तो होगी.....।।3।।
यही है जिंदगी , कुछ ख्वाब चंद उम्मीदें
इन्हीं खिलौने से, तुम भी बहल सको तो चलो
सफर में धूप.......
सभी है भीड़ में....।।4।।
अच्युत द्विवेदी
लखनऊ

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जवाब देंहटाएंधन्यवाद भाई
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