ताजिया उठाने को लेकर दो समुदायों में तनाव,एसडीएम के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे पुलिस और ताजियादार,

मांडा, इलाहाबाद। अगर पुलिस प्रशासन अपना काम ठीक ढंग से नही करता है तो इसकी भारी कीमत आम जनता को चुकानी पड़ती है......जी हां, मैं  ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्यों कि जिले के मांडा थाना क्षेत्र के एक गांव में इन दिनों कुछ ऐसा ही घटना क्रम देखने को मिल रहा है. खुद को हिंदूवादी सरकार कहने वाली योगी आदित्यनाथ की सरकार इस मामले पर पूरी तरह खामोश दिखाई दे रही है.


दिघिया गांव,दिघिया चौकी,थाना-मांडा,यमुना पार क्षेत्र,इलाहाबाद में हिन्दू की जमीन पर से अवैध रूप से ताजिया ले जाने के संबंध में प्रशासन द्वारा लिखित सभी दस्तावेज यह प्रस्तुत हैं उसके बावजूद भी जबरदस्ती पुलिस प्रशासन एवं मुस्लिमों की मिली भगत से जबरदस्ती ताजा ले जाने का प्रयास किया जा रहा है इससे हिन्दू समाज में बहुत ही आक्रोश एवं उबाल है कुछ भी घटना घटित  हो सकती है।





पिछले वर्ष एसडीएम ने बात का लिखित आश्वासन दिया था कि इस जमीन पर से आगे से ताजिया नहीं जाएगा और  पंद्रह दिन के अंदर निस्तारण करने का लिखित आश्वासन दिया था लेकिन सभी प्रशासनिक दस्तावेज मजबूत होने के बावजूद भी इसके पक्ष में पुलिस प्रशासन जबरदस्ती मुसलमानों के साथ मिलकर दबाव डाल रहा है जो कि बहुत ही बड़ी घटना का संकेत दे रहा है.



एक बार तो ताजिया के रास्ते का विवाद सुलझाने के लिए पुलिस व प्रशासन के तमाम अधिकारी दिघिया गांव पहुंचे थे मगर शिकायतकर्ता के न आने से मामले का निस्तारण नही हो पाया. इस मौके पर एसडीएम मेजा विनय कुमार सिंह, सीओ मेजा उमेश शर्मा, तहसीलदार मेजा अरविंद तिवारी, इंस्पेक्टर मांडा भरत कुमार, चौकी दिघिया के दरोगा सुनील दुबे ,नायब तहसीलदार ,दो कानूनगो और एक दर्जन लेखपालों के साथ पहुंचे थे.
बता दें कि पिछले साल मोहर्रम पर एक व्यक्ति ने ताजिया के रास्ते को अपनी भूमिधऱी जमीन बताकर रास्ते में ही विहिप व बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर भजन कीर्तन करने लगा जिससे ताजिया रुकी रही बाद में पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर मामला सुलझा.

प्रशासनिक अधिकारियों ने एक माह के अंदर जमीन का विवाद सुलझाने का आश्वासन दिया था लेकिन एक साल तक पीड़ित व्यक्ति पुलिस या प्रशासनिक अधिाकरियों को यह विवाद सुलझाने की याद नही आई.


अच्युत द्विवेदी



टिप्पणियाँ

  1. पुलिस प्रशाशन की मिलीभगत से यह काम हुआ जो बेशक कायराना है सरकार और पुलिस स्पष्ट करे कि क्या चाहती है।

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