कैबिनेट विस्तार योगी के लिेये सबक
रविवार को सुबह हुये कैबिनेट विस्तार मे यूं तो कई बदलाव हुये ,4 मंत्रियों का प्रमोशन हुआ ,9 नये राज्यमंत्री बनाये गये लेकिन एक राज्यमंत्री पर सबकी निगाह टिकी हुई थी वह थे शिवप्रताप शु्कला. वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के रुद्रपुर गांव के निवासी हैं,वे चार बार विधायक चुने गये तथा उन्हे उत्तर प्रदेश के कई विभागों मे मंत्री होनेे का भी अनुभव जिसे देखते हुये मोदी कैबिनेट विस्तार मे उनको राज्यमंत्री बनाया गया है.मध्यम वर्गीय परिवार से सम्बन्ध रखने वाले शुक्ला जी की प्रारम्भिक शिक्षा गोरखपुर मे ही हुई.उन्होने छात्र जीवन से ही राजनीति की शुरुआत कर दी थी .वह विधि के विद्यार्थी रहे हैं तथा उन्होने आपातकाल के दौरान 19 माह जेल मे भी रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा शिवप्रताप शुक्ला को केन्द्रीय राज्यमंत्री बनाये जाने से यूपी के सीएम योगी के लिये एक संकेत भरा सन्देश है कि प्रदेश मे वह जो चाहे जिसे चाहे जहां भी चाहे नियुक्त कर सकते हैं लेकिन केन्द्र मे उनकी प्रदेश की राजनीति कोई भी असर नही डालेगी. पीएम मोदी ने योगी को संदेश दिया है कि राजनीति मे संतुलन बहुत जरुरी है ,सबका साथ और सबका विकाश होना चाहिेये,किसी भी जाति या धर्म के लोगो की ही सरका र नही है यह ,यह सरका र125 करोड़ भारत वासियों की है, एक व्यक्ति की मंशा और पसन्द से सरकार नही चलाई जा सकती है
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दरअसल दोस्तो बात यह है कि जो शिवप्रताप शुक्ला हैं वो सीएम योगी के विरोधियों मे से एक माने जाते हैं.शिवप्रताप शुक्ला गोरखपुर से 1989.1991,1993 और 1996 मे लगातार चार बार विधायक रह चुके हैं.लोगों को यह मानना है कि भाजपा मे शिवप्रताप शुक्ला एक प्रभावी ब्राह्मण चेहरे के तौर पर जाने जाते थे लेकिन योगी आदित्यनाथ ने अपने सियासी स्वार्थ के लिये उनके खिलाफ अपना प्रत्याशी उतारकर उनको चुनाव मे हराया था .कहा जाता है तभी से दोनों के बीच खाई बढ़ती चली गयी और शिवप्रताप शुक्ला राजनीति के हाशिये पर चले गये .उनकी पूरी राजनीति को योगी आदित्यनाथ ने खत्म करवा दी.
शिवप्रताप शुक्ला का विश्वास कभी पार्टी से डगमगाया नही औऱ वो पूरे उत्साह के साथ पार्टी का प्रचार प्रसार करते रहे .वक्त ने करवट ली और 2014 मे मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 14 साल बाद उनको राज्यसभा का सदस्य बनाया गया और अब 2017 मे उन्हे राज्यमंत्री बनाया गया है.
लोगों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ के यूपी का सीएम बनने के बाद से सूबे का ब्राह्मण समाज बेचैन महसूस कर रहा था. सूबे में डीजीपी सहित काफी जिलों में राजपूत समाज के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक बैठा दिए गए हैं. इतना ही नहीं सरकारी महाधिवक्ता भी राजपूत समाज से बनाया गया है. योगी के सत्ता पर विराजमान होते ही पूर्वांचल के ब्राह्मण नेता माने जाने वाले हरिशंकर तिवारी के घर पुलिस ने छापेमारी की थी . ब्राह्मणों ने जिसे योगी के इशारे पर हुई कारवाई माना. ऊंचाहार के अप्टा गांव मे जब से 5 ब्राह्मणों की हत्या हुई है तब से ब्राह्मणों में बीजेपी के प्रति नाराजगी और भी बढ़ गई. इसीलिए ब्राह्मण अपने आपको ठगा हुआ महसूस करने लगा था. ऐसे में मोदी ने शिव प्रताप शुक्ल को अपनी कैबिनेट में जगह देकर कई संदेश दिए हैं.

योगी सरकार ने ऊंचाहार के अप्टा गांव मे हुये हत्याकांड मे काफी देरी से कारवाई की ,लोगों का विश्वास योगी सरकार से विश्वास उठता जा रहा था .इस बात को अमित शाह और पीएम नरेन्द्र मोदी ने समझा औऱ प्रदेश मे महेन्द्र नाथ पांडेय को बीजेपी अध्यक्ष बनाया है और अब शिवप्रताप शुक्ल को कैबिनेट राज्यमंत्री .................
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