लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने पहले भाषण में क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने पहले भाषण में क्या कहा?
अध्यक्ष महोदय, यह सदन भारत के लोगों की आवाज़ का प्रतिनिधित्व करता है और आप, महोदय, उस आवाज़ के अंतिम निर्णायक हैं। बेशक, सरकार के पास राजनीतिक शक्ति है, लेकिन विपक्ष भी भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।
इस बात पर जोर देते हुए कि इस बार विपक्ष पिछली बार की तुलना में भारतीय लोगों की आवाज़ का काफ़ी ज़्यादा प्रतिनिधित्व करता है, राहुल गांधी ने कहा कि यह बहुत ज़रूरी है कि विपक्ष की आवाज़ को सदन में प्रतिनिधित्व करने दिया जाए। उन्होंने कहा,
इस बार विपक्ष पिछली बार की तुलना में काफ़ी अधिक देशवासियों का प्रतिनिधित्व करता है। विपक्ष आपके काम में आपकी सहायता करना चाहेगा और चाहेगा कि सदन सुचारू और अच्छी तरह से चले। यह बहुत ज़रूरी है कि सहयोग विश्वास के आधार पर हो।
यह बहुत ज़रूरी है कि विपक्ष की आवाज़ को इस सदन में प्रतिनिधित्व करने दिया जाए। मुझे यकीन है कि आप हमें लोगों की आवाज़ उठाने देंगे। सवाल यह नहीं है कि सदन कितनी कुशलता से चलता है, बल्कि सवाल यह है कि इस सदन में भारत की कितनी आवाज़ें सुनी जाएंगी।
इसलिए यह विचार कि आप विपक्ष की आवाज़ को दबाकर सदन को कुशलता से चला सकते हैं, एक गैर-लोकतांत्रिक विचार है। देश के लोग विपक्ष से संविधान की रक्षा करने की उम्मीद करते हैं।
हमें विश्वास है कि विपक्ष को बोलने और भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति देकर, आप संविधान की रक्षा करने का अपना कर्तव्य पूरा करेंगे।
देश की जनता, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और INDIA के सहयोगियों का मुझपर भरोसा जताने के लिए दिल से धन्यवाद।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 26, 2024
विपक्ष का नेता सिर्फ एक पद नहीं है - यह आपकी आवाज़ बन कर आपके हितों और अधिकारों की लड़ाई लड़ने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
हमारा संविधान गरीबों, वंचितों, अल्पसंख्यकों,… pic.twitter.com/X6n9gIpr8B



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