साहब मुझे बचा लो... दबंगों ने दी धमकी तो थाने पहुंचा शख्स, पुलिस बोली - सबूत दो कि तुम्हें धमकी मिली है

साहब मुझे बचा लो... दबंगों ने दी धमकी तो थाने पहुंचा शख्स, पुलिस बोली - सबूत दो कि तुम्हें धमकी मिली है




News With Achyut: प्रयागराज की कौंधियारा पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। यहां की पुलिस घटना को रोकने की जगह घटना के होने का इंतजार करती है। जी हां, सही सुना आपने... ऐसा ही एक मामला कौंधियारा थाना क्षेत्र के 'सोभऊ का पूरा' गांव से सामने आया है। 

सोभऊ का पूरा गांव में एक शख्स को दबंग लोग घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देते हैं, उसके घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश करते हैं, किसी तरह से वह अपना जान बचाता है,  लेकिन जब वह मामले की शिकायत पुलिस से करने जाता है तो उससे एसओ कहते हैं- तुम्हारे सर से खून नहीं बह रहा है, तुम्हें गोली नहीं लगी, तुम्हारे शरीर पर चोट के निशान नहीं है तो मैं कैसे मान लूं कि तुम्हारे साथ मारपीट हुई है या तुम्हें जान से मारने की कोशिश की गई है।

प्रार्थी ने कौंधियारा थाने में एप्लीकेशन दिया है, लेकिन थानाध्यक्ष गणेश तिवारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वे प्रार्थी के घायल होने या किसी अप्रिय घटना के होने का इंतजार कर रहे हैं।।




कौन है पीड़ित?

पीड़ित का नाम प्रमोद कुमार पांडेय है, जो वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वे करछना तहसील में वकालत कर किसी तरीके से परिवार का जीवन यापन करते हैं। उन्हें 25 अगस्त को करीब 12 बजे गांव के ही श्यामा प्रसाद पुत्र संगम लाल मिश्र फोन पर जान से मारने की धमकी देते हैं। प्रार्थी इसे अनदेखा कर देता है।

27 अगस्त की घटना 

मंगलवार यानी 27 अगस्त को सुबह 8 बजे प्रमोद अपने घर में गायों को चारा भूसा डाल रहे थे कि इसी दौरान श्यामा प्रसाद अपने 7-8 लोगों के साथ उनके घर पर आ पहुंचा। ये लोग कट्टा, कटमासा और ईंट पत्थर लेकर से लैश थे।  

दरवाजे को तोड़ने की कोशिश

दबंगों को हथियारों से लैश देखकर पीड़ित घर के अंदर घुस गया, लेकिन दबंगों ने दरवाजा को तोड़ने की कोशिश की। जब 112 पर कॉल किया गया और पुलिस पहुंची तो किसी तरह पीड़ित की जान बची। 

दबंग धमकी देते गए कि मेरा पुलिस भी कुछ नहीं कर सकती। मैं तुम्हें छोडूंगा नहीं..  अगर भविष्य में प्रार्थी के साथ कुछ अप्रिय घटना होती है तो इसके जिम्मेदार कौंधियारा एसओ गणेश तिवारी होंगे।

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