मन की बात
प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी 25 फरवरी 2018 ,दिन रविवार को 41 वीं बार मन की बात कार्यक्रम के जरिये
श्रोताओं से रुबरु हुए.उन्होंने इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत के महान वैज्ञानिक एवं नोबेल पुरस्कार विजेता सर सी वी रमन को याद करते हुए किया जिनके द्वारा 28 फ़रवरी को रमन इफ़ेक्ट की खोज की गई थीा. .आगामी 28 फरवरी को विज्ञान दिवस है.इस दिन ही
सर सी वी रमन ने रमन प्रभाव की खोज की थी.


उन्होंने कहा कि भारत के महान वैज्ञानिकों में एक तरफ़ महान गणितज्ञ बोधायन, भास्कर, ब्रह्मगुप्त और आर्यभट्ट की परंपरा रही है तो दूसरी तरफ़ चिकित्सा के क्षेत्र में सुश्रुत और चरक हमारा गौरव हैं.सर जगदीश चन्द्र बोस,हरगोविंद खुराना, सत्येन्द्र नाथ बोस जैसे वैज्ञानिक भारत के गौरव हैं .राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर मैं हमारे वैज्ञानिकों और विज्ञान से जुड़े सभी लोगों को बधाई देता हूँ. हमारी युवा-पीढ़ी,सत्य और ज्ञान की खोज़ के लिए प्रेरित हो, विज्ञान की मदद से समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित हो, इसके लिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएँ.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अहमदा बाद के एक नौजवान नें एक
ऐसा यंत्र बनाया है जिससे AI के माध्यम से अपनी बात लिखते ही वो voice में convert हो जाती है और इस तरह एक बोल सकने वाले
व्यक्ति के साथ संवाद किया जा सकता है.एआई का उपयोग ऐसी कई विधाओ में किया जा सकता
है. प्रधानमंत्री ने एआई के बारे मे बताते हुए कहा कि AI के माध्यम से किस तरह दिव्यांग भाइयों और बहनों का जीवन सुगम बनाने में मदद मिल सकती है, प्राकृतिक आपदाओं के बारे में बेहतर अनुमान लगा सकते हैं, किस तरह फ़सलों की पैदावार बढ़ने में सहायता कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को होली की शुभकामनाएं भी दी

प्रधानमंत्री ने कहा कि एलीफेंटा द्वीप के 3 गाँवों में आज़ादी के 70 वर्ष बाद बिजली पहुँची है और इसे लेकर वहाँ के लोगों में हर्ष और उत्साह है. एलीफेंटा द्वीप, मुंबई से समुद्र में दस किलोमीटर दूर है .यह पर्यटन का बहुत बड़ा और आकर्षक केंद्र होने के साथ ही यूनेस्को की World हेरिटेज है

प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता अभियान के बारे में झारखण्ड की महिलाओं के योगदान की सराहना की‘.उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान’ के अंतर्गत झारखण्ड में लगभग 15 लाख महिलाओं ने संगठित होकर एक माह का स्वच्छता अभियान चलाया, उन्हें बहुत बहुत बधाई .प्रधानमंत्री ने उद्यमियों, विशेष रूप से ग्रामीण भारत की महिलाओं से आग्रह किया कि वे Self Help Group बनाकर clean energy and green jobs के आन्दोलन के भागीदार बनें


प्रधानमंत्री ने मन की बात में कहा कि हमारी Fire and Rescue Services, National Disaster Response Forces, सशस्त्र सेनाएँ, Paramilitary Forces, ये भी संकट के समय पहुँचने वाले वीर बहादुर अपनी जान की परवाह किये बिना लोगों की मदद करते हैं.NCC, Scouts जैसे संगठन भी इन कामों को आजकल कर भी रहे हैं, training भी कर रहे हैं . पिछले दिनों हमने एक प्रयास ये भी शुरू किया है कि जैसे दुनिया के देशों में joint military exercise होती है तो क्यों न दुनिया के देश Disaster Management के लिए भी joint exercise करें.


-Waste collection,transportation,बायोगैस की बिक्री आदि के लिए नई नौकरियों के अवसर मिलेंगे. इस योजना के सुचारू व्यवस्था के लिए एक online trading platform भी बनाया जाएगा जो किसानों को खरीदारों से connect करेगा ताकि किसानों को गोबर और agriculture waste का सही दाम मिल सके-पीएम मोदी
-‘गोबर धन योजना’ से गांव को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी | पशु-आरोग्य बेहतर होगा और उत्पादकता बढ़ेगी. बायोगैस से खाना पकाने और lighting के लिए ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी | किसानों एवं पशुपालकों को आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी- पीएम मोदी
-गोबर धन योजना’ के तहत ग्रामीण भारत में किसानों, बहनों, भाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वो गोबर और कचरे को सिर्फ waste के रूप में नहीं बल्कि आय के स्रोत के रूप में देखें-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हवाई जहाज के अंदर air hostess प्रारंभ में safety के संबंध में सूचनाएँ देती है . हम सब ने सौ-बार इसको सुना होगा लेकिन मैं दावे से कहता हूँ हममें से कोई नहीं बता पायेगा कि कौन सी चीज़ कहाँ है और कैसे उपयोग करना चाहिए.ऐसा इसलिए है क्योंकि हम स्वभाव से conscious नहीं हैं और इसलिए हमारे कान, हवाई जहाज बैठने के बाद सुनते तो हैं लेकिन ‘ये सूचना मेरे लिए है’ ऐसा हममें से किसी को लगता ही नहीं है | वैसा ही जीवन के हर क्षेत्र में हमारा अनुभव है.उन्होंने कहा कि हम ये न सोचें कि safety किसी और के लिए है, अगर हम सब अपनी safety के लिए सजग हो जाएँ तो समाज की safety का भाव भी अन्तर्निहित होता है.

पीएम ने मन की बात में कहा कि पुणे से श्रीमान रवीन्द्र सिंह ने नरेन्द्र मोबाईल एप पर अपने comment में occupational safety पर बात की है

पीएम मोदी ने गोबर्धन योजना के बारे में बताते हुए कहा कि GOBARDhan योजना का उद्देश्य है, गाँवों को स्वच्छ बनाना और पशुओं के गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पर्दाथों को COMPOST और BIO-GAS में परिवर्तित कर, उससे धन और ऊर्जा generate करना है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को अगर छोड़ दें तो ज़्यादातर दुर्घटनाएँ, हमारी कोई-न-कोई गलती का परिणाम होती हैं .अगर हम सतर्क रहें, आवश्यक नियमों का पालन करें तो हम अपने जीवन की रक्षा तो कर ही सकते हैं, लेकिन, बहुत बड़ी दुर्घटनाओं से भी हम समाज को बचा सकते हैं.

हम सब बहुत बार रास्तों पर लिखे हुए board पढ़ते हैं जिनमें लिखा होता है –
- “सतर्कता हटी-दुर्घटना घटी” - “एक भूल करे नुकसान, छीने खुशियाँ और मुस्कान” - “इतनी जल्दी न दुनिया छोड़ो, सुरक्षा से अब नाता जोड़ो” - “सुरक्षा से न करो कोई मस्ती, वर्ना ज़िंदगी होगी सस्ती”
Work place पर safety को लेकर बहुत सूत्र लिखे गए होते हैं लेकिन जब देखते हैं तो कहीं पर उसका पालन नज़र नहीं आता है,Public safety के विषय में दो चीज़ें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं pro-activeness और दूसरा है preparedness. Safety दो प्रकार की होती है, एक वो जो आपदा के समय जरुरी होती है- safety during disasters और दूसरी वो जिसकी दैनिक जीवन में आवश्यकता पड़ती है-safety in everyday लाइफ
उन्होंने कहा कि विज्ञान का उपयोग मानव-मात्र के कल्याण तथा मानव जीवन की सर्वोच्च ऊंचाइयों को छूने के लिए किया जाना चाहिए

हमारा ‘New India’ का सपना है कि नारी सशक्त हो, सबल हो, देश के समग्र विकास में बराबर की भागीदार हो-पीएम मोदी

पिछले दिनों मुझे एक बहुत ही बढ़िया सुझाव किसी महाशय ने दिया कि 8 मार्च,‘महिला दिवस’ कि अवसर पर हर गाँव-शहर में ऐसी माताओं-बहनों के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित करें जिन्होंने 100 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं.
हमारा ‘New India’ का सपना है कि नारी सशक्त हो, सबल हो, देश के समग्र विकास में बराबर की भागीदार हो.हम उस परंपरा का हिस्सा है, जहाँ पुरुषों की पहचान नारियों से होती थी. यशोदा-नंदन, कौशल्या-नंदन, गांधारी-पुत्र, यही पहचान होती थी किसी बेटे की. आज हमारी नारी शक्ति ने अपने कार्यों से आत्मबल और आत्मविश्वास का परिचय दिया है. स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया है.हर वर्ष 8 मार्च को ‘अन्तरराष्ट्रीय महिला-दिवस’ मनाया जाता है. देश और दुनिया में कई सारे कार्यक्रम होते हैं.इस दिन देश में ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से ऐसी महिलाओं को सत्कार भी किया जाता है जिन्होंने बीते दिनों में भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किया हो
पीएम मोदी ने कहा कि जहाँ तक आपदाओं की बात है, disasters की बात है, तो भारत भौगोलिक और जलवायु की दृष्टि से विविधताओं से भरा हुआ देश है .इस देश ने कई प्राक्रतिक और मानव-निर्मित आपदाएँ, जैसे रासायनिक एवं औद्योगिक दुर्घटनाओं को झेला है.

उन्होंने कहा कि आज National Disaster Management Authority यानी NDMA देश में आपदा-प्रबंधन की अगुवाई कर रहा है. भूकंप हो, बाढ़ हो, Cyclone हो, भूस्खलन हो जैसे विभिन्न आपदाओं को, rescue operation हो, NDMA तुरंत पहुँचता है. प्रशिक्षण और जागरूकता का बहुत महत्वपूर्ण रोल है. आज से दो-तीन साल पहले लू heat wave से प्रतिवर्ष हजारों लोग अपनी जान गवाँ देते थे. इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने heat wave के प्रबंधन के लिए workshop आयोजित किये, लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए अभियान चलाया .
मौसम विभाग ने सटीक पूर्वानुमान लगाये . सबकी भागीदारी से एक अच्छा परिणाम सामने आया . 2017 में लू से होने वाली मौतों की संख्या अप्रत्याशित रूप से घटकर क़रीब-क़रीब 220 पर आ गई .इससे पता चलता है कि अगर हम सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, हम सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं.
रायपुर से प्रेरित होकर अन्य ज़िलों में भी अलग-अलग तरह के कचरा उत्सव हुए. हर किसी ने अपनी-अपनी तरफ से पहल करते हुए स्वच्छता को लेकर innovative ideas share किये, चर्चाएं की, कविता पाठ किये . स्वच्छता को लेकर एक उत्सव जैसा माहौल तैयार हो गया था .मैं रायपुर नगर निगम, पूरे छत्तीसगढ़ की जनता और वहां की सरकार और प्रशासन को इस काम के लिए ढ़ेरों बधाइयाँ देता हूँ.छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक अनूठा प्रयास करते हुए राज्य का पहला ‘कचरा महोत्सव’ आयोजित किया गया. रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाना था- पीएम मोदी
-अच्युत कुमार द्विवेदी,लखनऊ
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