Heat Wave: प्रयागराज में 48 डिग्री पहुंचा पारा, दो लोगों की मौत; ऐसे करें लू से बचाव
Heat Wave: प्रयागराज में 48 डिग्री पहुंचा पारा, दो लोगों की मौत; ऐसे करें लू से बचाव
बताया जाता है वाराणसी से बस लेकर प्रयागराज आ रहे राजेंद्र दुबे (40 वर्ष) जब हंडिया पहुंचे तो उन्हें बेचैनी और उल्टी होने लगी। वे बेहोश हो गए। उन्हें आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रयागराज में गर्मी जानलेवा हो गई है। सोमवार को नैनी थाना क्षेत्र के महेवा में फव्वारा चौराहे पर शाम लगभग पांच बजे अचानक एक व्यक्ति, जिसकी उम्र 54 साल थी, अचानक जमीन पर गिर पड़ा। लोग उसे अस्पताल ले जाते, इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
प्रेस विज्ञप्ति
हीटवेव से बचाव के उपाय
पालतू जानवरों को कभी भी बन्द वाहन में अकेला न छोड़ें। जहां तक सम्भव हो घर में ही रहें तथा सूर्य के ताप से बचें। सूर्य के ताप से बचने के लिए जहां तक संभव हो, घर की निचली मंजिल पर रहें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। बासी खाने का प्रयोग कदापि न करे। मादक पेय पदार्थों का सेवन न करें। घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। घर में पेय पदार्थ जैसे लस्सी, छांछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नमक चीनी का घोल, नीबू पानी या आम का पना इत्यादि का प्रयोग करें।
कब लगती है लू
गर्मी में शरीर के द्रव्य बॉडी फ्ल्यूड सूखने लगते हैं। शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारी, मोटापा, पार्किंसस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वाले व्यक्तियों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है। इसके अलावा, डॉययूरेटिक, एंटीस्टिमिनक, मानसिक रोग की औषधि का उपयोग करने वाले व्यक्ति भी लू से सवाधान रहें।
लू के लक्षण
गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उल्टे श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी का होना या चक्कर आना, मूत्र न होना अथवा इसमें कमी आदि मुख्य लक्षण हैं।
आपदा संबंधी सहायता के लिए निम्न नंबरों पर सम्पर्क कर सकते हैं...
- एम्बुलेंस- 108
- पुलिस -112
- राहत आयुक्त कार्यालय - 1070 टोलफ्री
- जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेन्टर प्रयागराज कंट्रोल रूम 0532- 2641577, 0532-2641578
लू की स्थिति में क्या करें और क्या न करें?
- रेडियो सुनिए, टीवी देखिए, स्थानीय मौसम समाचार के लिए समाचार पत्र पढ़ें।
- पर्याप्त पानी पियें - भले ही प्यास न लगे।
- खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन), लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू का पानी, छाछ आदि जैसे घरेलू पेय का इस्तेमाल करें।
- हल्के वजन, हल्के रंग के, ढीले, सूती कपड़े पहनें।
- अपना सिर ढकेंः कपड़े, टोपी या छतरी का उपयोग करें।
- हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं।
- अनावश्यक घर से बाहर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक न निकलें। बहुत ही आवश्यक होने पर चेहरे व सिर को ढककर ही निकले।
वृद्ध एवं कमजोर व्यक्तियों के लिये
- तेज गर्मी, खासतौर से जब वे अकेले हों, तो कम से कम दिन में दो बार उनकी जांच करें।
- ध्यान रहे कि उनके पास फोन हो।
- यदि वे गर्मी से बैचेनी महसूस कर रहे हों तो उन्हें ठंडक देने का प्रयास करें।
- उनके शरीर को गीला रखें, उन्हें नहलाएं अथवा उनकी गर्दन तथा बगलों में गीला तौलिया रखें।
- उन्हें अपने पास हमेशा पानी की बोतल रखने के लिए कहें।
शिशुओं के लिये
- उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं।
- शिशुओं में गर्मी की वजह से होने वाली बीमारियों का पता लगाना सीखें।
- यदि बच्चों के पेशाब का रंग गहरा है तो इसका मतलब है कि वह डिहाईड्रेशन (पानी की कमी) का शिकार हैं।
- बच्चों को बिना देखरेख खड़ी गाड़ी में छोड़ कर न जाएं, वाहन जल्दी गर्म होकर खतरनाक तापमान पैदा कर सकते हैं।
पशुओं को गर्मी से कैसे बचाएं?
- जहां तक संभव हो, तेज गर्मी के दौरान उन्हें घर के भीतर रखें।
- यदि उन्हें घर के भीतर रखा जाना संभव न हो तो उन्हें किसी छायादार स्थान में रखें, जहां वे आराम कर सकें। ध्यान रखें कि जहां उन्हें रखा गया हो वहां दिनभर छाया रहें।
- जानवरों को किसी बंद में न रखें, क्योंकि गर्म मौसम में इन्हें जल्दी गर्मी लगने लगती है।
- ध्यान रखें कि आपके जानवर पूरी तरह साफ हों, उन्हें ताजा पीने का पानी दें, पानी को धूप में न रखें। दिन के समय उनके पानी में बर्फ के टुकड़े डालें।
- पीने के पानी के दो बाउल रखें ताकि एक में पानी खत्म होने पर दूसरे से वे पानी पी सकें।
- अपने पालतू जानवर का खाना धूप में न रखें।
- किसी भी स्थिति में जानवर को वाहन में न छोडे़।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- जितना हो सके घर के अंदर रहें।
- अपने घर को ठंडा रखें।
- पर्दे, शटर या धूप का उपयोग करें और खिड़कियां खुली रखें।
- निचली मंजिलों पर रहने का प्रयास करें।
- पंखे का प्रयोग करें, कपड़ों को नम करें और ठंडे पानी में स्नान करें।
- यदि आप बेहोश या कमजोरी महसूस करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए।
- जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें।
30 मई से लू से मिलेगी राहत
दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों तक लू का प्रकोप जारी रहेगा, लेकिन 30 मई से इसमें कमी आएगी। हालांकि, जून में उत्तर-पश्चिम भारत समेत पूरे देश में तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, 4 से 6 दिन लू भी चलेगी।

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