BJP ने विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसा बहाया... कांग्रेस बोली- जहां देखो PM Modi नजर आते हैं
BJP ने विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसा बहाया... कांग्रेस बोली- जहां देखो PM Modi नजर आते हैं
Lok Sabha Election 2024 Congress Attacks BJP Modi Government Over Electoral Bond: कांग्रेस ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर बीजेपी की मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी, 2024 को इलेक्टोरल बॉन्ड बैन करते हुए कहा था कि लोकतंत्र में किसने, किस पार्टी को, कितना पैसा दिया- यह सच जानने का हक जनता को है। सुप्रीम कोर्ट ने SBI को आदेश दिया था कि 6 मार्च तक इलेक्टोरल बॉन्ड डोनर के नाम सार्वजनिक किए जाएं और चुनाव आयोग के साथ साझा किए जाए। अब SBI ने सुप्रीम कोर्ट से 30 जून तक का वक्त मांगा है, क्योंकि वो इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा देने में असमर्थ है।
'इलेक्टोरल बॉन्ड निकालने के लिए SBI को चाहिए 5 महीने'
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि विडंबना देखिए कि डिजिटल बैंकिंग के युग में कंप्यूटर की एक क्लिक पर 22,217 इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा निकालने के लिए SBI को 5 महीने चाहिए। ये वही SBI है, जिसके 48 करोड़ बैंक अकाउंट हैं, जिसके देश में करीब 66,000 ATM हैं और लगभग 23,000 ब्रांच हैं।
'BJP को मिले 6500 करोड़ रुपये'
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष के अंत तक करीब 12 हजार करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक पार्टियों को मिले, जिसमें सिर्फ BJP को करीब 6500 करोड़ रुपए मिले। उन्होंने कहा कि BJP परेशान थी कि अगर चंदा देने वालों के नाम सार्वजनिक हो गए तो पता चल जाएगा कि उनका कौन सा मित्र कितना पैसा दे रहा था और क्यों दे रहा था।
'30 कंपनियों ने बीजेपी को दिए 335 करोड़ रुपये'
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार 30 कंपनियों ने BJP को करीब 335 करोड़ रुपये का चंदा दिया था, जिनके ऊपर 2018 से 2023 के बीच एजेंसियों की कार्रवाई हुई थी। इनमें से 23 कंपनियां ऐसी थीं, जिन्होंने पहले कभी किसी भी राजनीतिक पार्टी को चंदा नहीं दिया था।
सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार से पूछे ये सवाल
- देश के सबसे बड़े बैंक SBI को सिर्फ 22,217 इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने के लिए 5 माह का समय क्यों चाहिए?
- इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने की अंतिम तिथि से पहले SBI अचानक से क्यों जागा?
- SBI पर कौन दबाव बना रहा है? कौन है जो आर्थिक अनियमितता और कालेधन के इस गोरखधंधे को पनपने दे रहा था?
- क्या लोकतंत्र में जनता को यह हक नहीं है कि- किसने, किस पार्टी को, कितना पैसा दिया है- जिसे देखकर जनता वोटिंग का मन बना सके।
'विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसा बहा रही बीजेपी'
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इंटरनेट पर जहां देखो, वहां PM मोदी नज़र आ रहे हैं। ये BJP के विज्ञापनों का ही कमाल है, क्योंकि वह पैसा पानी की तरह बहा रही है। पिछले महीने BJP ने Google वीडियो विज्ञापनों पर 22 करोड़ रुपये खर्च किए, जो पूरे देश में करोड़ों मतदाताओं ने देखे, लेकिन BJP ने Google के नियमों को तोड़ा है, जिसके कारण उनका विज्ञापन हटा दिया गया।
'Google ने BJP का विज्ञापन क्यों नहीं हटाया?'
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि Google का नियम कहता है, 90 दिनों में 3 से ज़्यादा उल्लंघन होने पर विज्ञापनदाता का खाता निलंबित कर दिया जाएगा। अगर ऐसा है तो BJP को अभी भी Google विज्ञापनों का उपयोग करने की अनुमति क्यों है? उनका खाता कब निलंबित होगा? वहीं विपक्ष के बैंक अकाउंट फ्रीज़ किए जा रहे हैं, सोशल मीडिया अकाउंट बैन कराए जा रहे हैं। क्या यह लोकतंत्र है?
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