वैभव गहलोत या लुंबाराम चौधरी, कांग्रेस-बीजेपी में से किसे मिलेगा जनता का साथ? जालोर सीट पर रोमांचक हुआ मुकाबला
वैभव गहलोत या लुंबाराम चौधरी, कांग्रेस-बीजेपी में से किसे मिलेगा जनता का साथ? जालोर सीट पर रोमांचक हुआ मुकाबला
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| Vaibhav Gehlot |
Lok Sabha Election 2024 Vaibhav Gehlot Lumba Ram Chaudhary: लोकसभा चुनाव 2024 में राजस्थान की जालोर लोकसभा हॉट सीट बन गई है। यहां मुकाबला रोचक हो गया है। बीजेपी ने लुंबाराम चौधरी, जबकि कांग्रेस ने वैभव गहलोत को उम्मीदवार बनाया है। वैभव पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बेटे हैं।
ऐसा अंतर आपने भी महसूस किया क्या ?
— Vaibhav Gehlot (@VaibhavGehlot80) March 22, 2024
सुनें, सोचें फिर चुनें! pic.twitter.com/v8jZizC3yV
जालोर सीट पर 26 अप्रैल को होगा मतदान
चुनाव के लिए मतदान होने में अब करीब एक महीना ही रह गया है। जालोर में दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा। जालोर लोकसभा की ओर देखें तो यहां चुनावी मुकाबला काफी रोचक हो चला है। चुनावी मुकाबला रोचक क्यों हुआ, इसके कई कारण हैं, जैसे भाजपा के सांसद देवजी पटेल का टिकट कटना, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत का इस सीट से चुनाव लड़ना, कांग्रेस के बागी लाल सिंह राठौड़ का बसपा से ताल ठोकना और कांग्रेस के ही रामलाल मेघवाल का भाजपा ज्वॉइन करना।
जालोर सीट पर प्रवासी राजस्थानियों की भूमिका अहम
जालोर सीट पर प्रवासी राजस्थानियों का भी काफी दखल रहता है और पिछले कुछ दिनों में वैभव गहलोत और लुम्बाराम चौधरी बैगलूरू, चैन्नई, हैदराबाद, मुंबई जैसे शहरों में जाकर प्रवासियों से मिल चुके हैं। यही वे कारण हैं कि जालोर लोकसभा सीट का जिक्र इन दिनों मीडिया में छाया हुआ है।
एंटी इनकम्बेंसी के कारण काट दिया देवजी पटेल का टिकट?
जालोर से भाजपा लगातार चार बार से जीतती आ रही है, लेकिन इस बार भाजपा ने यहां वर्तमान सांसद देवजी पटेल का टिकट काट दिया और सिरोही में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रहे लुम्बाराम चौधरी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बताया जा रहा है कि भाजपा के देवजी पटेल को जालोर की जनता ने 15 साल तक पूरा मौका दिया, लेकिन उन्होंने कोई खास काम नहीं कराया। इससे जनता में देवजी पटेल के खिलाफ भारी एंटी-इंकम्बेंसी है। भाजपा ने अपने कई दौर के सर्वेक्षणों में इसे भांप लिया और उनका टिकट काट दिया गया। पार्टी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि भले ही भाजपा ने चेहरा बदल दिया है, लेकिन जीत की राह इतनी आसान नहीं है। भाजपा में एकजुटता नहीं है और टिकट न मिलने वाले दावेदारों में परस्पर बड़ी नाराजगी है। जनता भी भाजपा सांसद के कार्यकालों में विकास कार्य न हो पाने से नाराज है। हालांकि लुम्बाराम अपनी तरफ से पुरजोर कोशिश लगाते नजर आ रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र के रूप में वैभव गहलोत हैं सबसे चर्चित चेहरा
कांग्रेस की बात करें तो पार्टी की ओर से यह टिकट पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को दिया गया है। पिता के बड़े नाम और लगातार सक्रियता के कारण वैभव गहलोत यहां अच्छी चुनौती देते नजर आ रहे हैं। वे स्थानीय समस्याओं पर बात कर रहे हैं, उनके समाधान का आश्वासन भी दे रहे हैं। वैभव पिछली कांग्रेस सरकार में अपने पिता अशोक गहलोत द्वारा कराए गए जनकल्याणकारी कार्यों का भी वास्ता भी दे रहे हैं। वैभव जिस तरह की सक्रियता दिखा रहे हैं, उससे वे आम लोगों से कनेक्टिविटी बनाते नजर आ रहे हैं। लोगों में भी उनके नाम को लेकर उत्साह है।
बीते 10 सालों में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की करोड़ों महिलाओं के सम्मान सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। तभी तो देश की नारीशक्ति कह रही है 'फिर इस बार मोदी सरकार'।@BJP4India @BJP4Rajasthan pic.twitter.com/OOYP8Q6ruH
— Lumbaram Choudhary (Modi ka Parivar) (@lumbaram64) March 21, 2024
कांग्रेस-भाजपा में होगी सीधी टक्कर
लोकसभा चुनावों के दौरान जालोर में कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ने से जरूर कांग्रेस का पक्ष कमजोर हुआ है। रामलाल मेघवाल के भाजपा ज्वॉइन करने और लाल सिंह के बसपा से प्रत्याशी के रूप में उतरने से वैभव गहलोत के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। हालांकि लाेगों का मानना है कि लाल सिंह राठौड़ भले ही बसपा से टिकट ले आए हों, और रामलाल भाजपा में शामिल हो गए हों, लेकिन इसका अधिक असर कांग्रेस पर नहीं पड़ेगा और इस चुनाव में भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर नजर आएगी।

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